Census 2027: Amit Shah ने लॉन्च किए 4 स्मार्ट टूल्स, जानें जनगणना प्रक्रिया कैसे होगी आसान।

Census 2027: Amit Shah ने गुरुवार को जनगणना-2027 के लिए चार नए डिजिटल टूल्स लॉन्च किए हैं, जिनका उद्देश्य जनगणना प्रक्रिया को पहले से अधिक आसान, पारदर्शी और आधुनिक बनाना है। इन टूल्स की मदद से अब आम नागरिक स्वयं ही ऑनलाइन माध्यम से Census 2027  फॉर्म भर सकेंगे।

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Amit Shah द्वारा लॉन्च किए गए नए डिजिटल टूल्स से Census 2027 में टेक्नोलॉजी का बड़ा इस्तेमाल होगा।

 

इससे लोगों को बार-बार जानकारी देने की जरूरत नहीं पड़ेगी और समय की बचत होगी। सरकार का कहना है कि डिजिटल प्रणाली के आंकड़ों की सटीकता भी बढ़ेगी और पूरी प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा सकेगी।

इन रूल्स के जरिए नागरिक अपने परिवार के सदस्यों से जुड़ी बुनियादी जानकारी जैसे नाम, उम्र, शिक्षा, पैसा और अन्य आवश्यक विवरण ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। फॉर्म भरने के बाद जनगणना कर्मचारी संबंधित घरों में जाकर दी गई जानकारी का सत्यापन करेंगे, ताकि डेटा पूरी तरह सही और विश्वसनीय हो सके। इस नई व्यवस्था से जनगणना कर्मचारियों का काम भी आसान होगा और त्रुटियों की संभावना कम होगी।

सरकार के अनुसार डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल से जनगणना 2027 देश की सबसे आधुनिक और तकनीकी रूप से उन्नत जनगणना बनने की उम्मीद है। इससे न केवल जनसंख्या से जुड़े सटीक आंकड़े मिलेंगे, बल्कि सरकार को विकास योजनाएं बनाने और संसाधनों का बेहतर उपयोग करने में भी मदद मिलेगी।

Census 2027 में पहली बार मिलेगा Self Enumeration का विकल्प।

Amit Shah द्वारा लांच किए गए नए डिजिटल टूल्स के साथ जनगणना 2027 में पहली बार लोगों को Self Enumeration की सुविधा दी जाएगी। इस सुविधा के तहत नागरिक जनगणना कर्मचारियों के घर-घर आने से पहले ही ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर स्वयं अपनी जानकारी भर सकेंगे। इसके लिए सरकार विशेष Self Enumeration पोर्टल उपलब्ध कराएगी,  जहां परिवार का मुखिया या कोई भी सदस्य लॉग -इन करके फॉर्म में पूछे गए सवालों के जवाब दर्ज कर सकता है।

इस ऑनलाइन फॉर्म में परिवार के सदस्यों की संख्या, उम्र, शिक्षा, रोजगार, वैवाहिक स्थिति और अन्य जरूरी सामाजिक आर्थिक जानकारी भरनी होगी।इससे लोगों को जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी का मौका मिलेगा और समय की भी बचत होगी।

अब जनगणना अधिकारी बाद में आपके घर पर आएंगे तो वे पोर्टल पर भरी गई जानकारी की जांच और सत्यापन करेंगे। सभी विवरण सही पाए जाते हैं तो अधिकारी सिस्टम से वेरिफाई कर ओके कर देंगे। इस नई डिजिटल व्यवस्था से जनगणना प्रक्रिया ज्यादा तेज, पारदर्शी और सटीक बनाने की उम्मीद है, जिससे सरकार को नीतियां बनाने के लिए बेहतर आंकड़े मिल सकेंगे।

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Census 2027 में डिजिटलीकरण के कारण जनगणना कर्मियों का बचेगा समय।

Amit Shah द्वारा लांच किए गए डिजिटल टूल्स की मदद से जनगणना-2027 की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक आसान और तेज होने की उम्मीद है। नई व्यवस्था के तहत लोगों को स्व-गणना (Self Enumeration) पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी पहले ही ऑनलाइन भरने का विकल्प मिलेगा। इससे जनगणना कर्मियों को घर-घर जाकर लंबा सर्वे करने में कम समय लगेगा और डेटा संग्रह की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हो जाएगी।

सरकार के अनुसार इस डिजिटल प्रणाली से नागरिकों को भी काफी सुविधा मिलेगी क्योंकि वे अपने समय के अनुसार ऑनलाइन फॉर्म भर सकेंगे। इसके बाद जब जनगणना अधिकारी घर आएंगे तो वे केवल दी गई जानकारी का सत्यापन करेंगे। यदि सभी डाटा सही पाया गया तो उसे सिस्टम में तुरंत स्वीकृत कर दिया जाएगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि गलतियों की संभावना भी कम हो जाएगी।

स्व-गणना (Self Enumeration) के साथ ही जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (CMMS) पोर्टल भी तैयार किया गया है। यह एक केंद्रीकृत वेब आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा, जिसके जरिए देश भर में चल रहे जनगणना कार्यों की योजना प्रबंधन और निगरानी की जाएगी। राज्य, जिला और तहसील स्तर के अधिकारी एकीकृत डैशबोर्ड के माध्यम से वास्तविक समय में काम की प्रगति देख सकेंगे।

इसके अलावा गृह मंत्री अमित शाह ने इन डिजिटल टूल्स के साथ जनगणना- 2027 के लिए “प्रगति” और “विकास” नाम के दो शुभंकर भी लॉन्च किया, जो जनगणना अभियान के प्रचार-प्रसार और जागरूकता बढ़ाने में मदद करेंगे।

नई तकनीक के उपयोग से यह जनगणना भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना बनने जा रही है, जिससे डेटा संग्रह अधिक तेज, पारदर्शी और सटीक होगा।

Census 2027: प्रगति और विकास शुभंकर से बढ़ेगी जनजागरूकता।

Amit Shah द्वारा जनगणना -2027 के लिए लॉन्च किए गए डिजिटल टूल्स के साथ दो खास शुभंकर भी पेश किए गए हैं, जिनका नाम प्रगति और विकास रखा गया है। इन शुभंकरों का उद्देश्य जनगणना अभियान को आम लोगों तक सरल और प्रभावी तरीके से पहुंचाना है। सरकार के अनुसार, प्रगति महिलाओं का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि विकास पुरुषों का प्रतीक है। इसका मतलब है कि जनगणना कार्य में लगे महिला और पुरुष कर्मचारियों को देश की प्रगति का का आधार माना गया है।

इन शुभंकरों के माध्यम से यह संदेश दिया गया है।देश के विकास में महिलाओं और पुरुषों की समान भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाया जाए और इस लक्ष्य को हासिल करने में समाज के हर वर्ग की भूमिका जरूरी है। प्रगति और विकास इसी समान सहभागिता और साझेदारी का प्रतीक है।

जनगणना अभियान के दौरान इन शुभंकरों का उपयोग जागरूकता बढ़ाने के लिए किया जाएगा। इनके जरिए जनगणना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी उद्देश्य और संदेश को समाज के अलग-अलग वर्गों तक सरल और जन-सुलभ तरीके से पहुंचाया जाएगा इससे लोगों को जनगणना के महत्व को समझने में मदद मिलेगी और वे इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित होंगे।

सरकार का मानना है कि ऐसे प्रतीकात्मक शुभंकर जनभागीदारी बढ़ाने में मदद करते हैं और जनगणना जैसे बड़े राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Census 2027 के डिजिटल टूल्स, CMMS, Self Enumeration और HLO ऐप क्या हैं?

Amit Shah द्वारा जनगणना 2027 के लिए चार महत्वपूर्ण डिजिटल टूल्स लॉन्च किए गए हैं, जिनका उद्देश्य पूरी जनगणना प्रक्रिया को अधिक आधुनिक, सटीक और तेज बनाना है। इन टूल्स में CMMS (Census Management and Monitoring System) , स्व-गणना पोर्टल (Self Enumeration – SE) , हाउसलिस्टिंग ब्लॉक क्रिएटर (HLBC) बेवप्लिकेशन और HLO मोबाइल एप्लीकेशन शामिल है।

सीएमएमएस एक केंद्रीयकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा जिसके माध्यम से देश भर में चल रही जनगणना की गतिविधियों की निगरानी और प्रबंधन किया जाएगा। इस सिस्टम की मदद से अधिकारी अलग-अलग स्तर पर जनगणना कार्य की प्रगति को ट्रैक कर सकेंगे। वहीं स्वगणना पोर्टल नागरिकों को यह सुविधा देगा कि वे स्वयं ऑनलाइन अपने परिवार और घर से जुड़ी जानकारी फॉर्म में भर सकें, बाद में जनगणना कर्मचारी घर पर आकर इन विवरणों का सत्यापन करेंगे।

इसके अलावा हाउस लिस्टिंग ब्लॉक क्रिएटर (HLBC) बेब एप्लीकेशन का उपयोग जनगणना क्षेत्रों को डिजिटल रूप से तैयार करने के लिए किया जाएगा। इस एप्लीकेशन की मदद से अधिकारी उपग्रह तस्वीरों और वेब मैप तकनीक का उपयोग करके मकानों की पहचान पंजीकरण और डेटा संग्रह कर सकेंगे, वहीं HLO मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए फील्ड में काम करने वाले कर्मचारी सीधे मोबाइल से जानकारी दर्ज कर उसे सिस्टम पर अपलोड कर पाएंगे।

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इन सभी डिजिटल टूल्स को Center for development of advanced computing (C-DAC) द्वारा विकसित किया गया है। खास बात यह है कि ये सिस्टम 16 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होंगे जैसे देश के अलग-अलग राज्यों में काम करने वाले कर्मचारियों और आम नागरिकों को इसका उपयोग करने में आसानी होगी। नई डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल से जनगणना 2027 को अधिक पारदर्शी, तेज और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

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