AAP Rajya Sabha deputy leader removal: मोदी के खिलाफ बोलने से घबराते हो, डर गए हो? राघव चड्ढा AAP.

AAP Rajya Sabha deputy leader removal: आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा पर जमकर निशाना साधा है, आप के आरोप हैं कि राघव चड्ढा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से डरते हैं, साथ ही आरोप लगाए कि बोलने के लिए मिलने वाले समय का इस्तेमाल समोसे सस्ते कराने में लगा देते हैं।

After being removed as AAP’s Rajya Sabha Deputy Leader.

 

AAP के आरोप हैं कि जब मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्ताव लाया गया तब राघव चड्ढा ने उस पर साइन भी नहीं किए थे, पार्टी ने गुरुवार को उन्हें राज्य सभा से उपनेता पद से हटाने के लिए राज्य सभा सचिवालय को पत्र लिखा था।

AAP Rajya Sabha deputy leader removal: एयरपोर्ट पर महंगा समोसा मुद्दे पर घेरा।

AAP Rajya Sabha deputy leader removal: AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने राघव चड्ढा पर कई आरोप लगाए। उन्होंने लिखा, हम केजरीवाल के सिपाही हैं निडरता हमारी पहली पहचान है, AAP के सिपाही मोदी से डर जाए तो लड़ेगा क्या,  देश के लिए संसद में थोड़ा सा समय मिलता है बोलने का AAP पार्टी को उसमें या तो देश बचाने का संघर्ष कर सकते हैं या एयरपोर्ट कैंटीन में समोसे सस्ते करवाने का।

AAP Rajya Sabha deputy leader removal: AAP: गुजरात से पश्चिम बंगाल तक कई मुद्दों पर आरोप लगाया।

अनुराग ढांडा ने लिखा, गुजरात में हमारे सैकड़ों कार्यकर्ता, बीजेपी की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिए। क्या सांसद साहब सदन में कुछ बोले पश्चिम बंगाल में वोट का अधिकार छीना जा रहा है? सदन में प्रस्ताव आया CEC के खिलाफ तो भाई साहब ने साइन करने से मना कर दिया।

AAP Rajya Sabha deputy leader removal: पीएम मोदी का भी जिक्र किया। अनुराग ढांडा ने लिखा पार्टी ने सदन से वॉकआउट किया तो मोदी जी की हाजिरी लगाने के लिए बैठे रहते हैं। पिछले कुछ सालों से तुम डर गए हो राघव, मोदी के खिलाफ बोलने से घबराते हो।

AAP Rajya Sabha deputy leader removal: राघव चड्ढा ने क्या दिया जवाब।

AAP Rajya Sabha deputy leader removal: राघव चड्ढा ने X पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा, जब भी मुझे मौका मिलता है, मैं सदन में जनता से जुड़े मुद्दों को उठाता हूं जिनमें अक्सर अनदेखी किए जाने वाले विषय भी शामिल होते हैं, लेकिन क्या आम लोगों की समस्याओं के बारे में बात करना अपराध है? क्या मैंने कोई अपराध किया है?

राघव चड्ढा ने अपनी पार्टी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय से कहा है कि उनके संसद में बोलने पर रोक लगा दी जाए। राघव चड्ढा ने कहा, आपने संसद को सूचित किया है कि मुझे बोलने का मौका नहीं दिया जाना चाहिए।

मैं उनसे कहना चाहता हूं, मेरी खामोशी को मेरी हार नहीं समझें, उन्होंने कहा मैंने कई ऐसे मुद्दे उठाए हैं जिनसे आम आदमी को फायदा हुआ। इससे आम आदमी पार्टी को क्या नुकसान हुआ? कोई मुझे बोलने से क्यों रोकना चाहता है।

क्या जनता के मुद्दे उठाना? पब्लिक इश्यूज पर बात करना कोई अपराध है? क्या मैंने कोई गुनाह कर दिया? कोई गलती कर दी है, मैं पूछ रहा हूं क्योंकि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सेक्रेटेरियट को यह कहा है कि राघव चड्ढा के Parliament में बोलने पर रोक लगा दी जाए।

जिन लोगों ने आज पार्लियामेंट में मेरे बोलने का अधिकार मुझसे छीन लिया मुझे खामोश कर दिया। मैं उन्हें भी कुछ कहना चाहता हूं। मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना, मैं वह दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।

मुझे जब-जब पार्लियामेंट में बोलने का मौका मिलता है, मैं जनता की मुद्दे उठाता हूं और शायद ऐसे टॉपिक्स उठाता हूं जिसे आमतौर पर संसद में नहीं उठाया जाता।

AAP ने क्यूँ हटाया राघव चड्ढा को उप-नेता पद से, AAP Rajya Sabha deputy leader removal.

AAP Rajya Sabha deputy leader removal: आम आदमी पार्टी ने पंजाब से अपने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटा दिया है। और उनकी जगह राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल को पार्टी का उपनेता राज्यसभा में बना दिया है।

आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को एक पत्र लिखकर यह जानकारी दी है। इस पत्र में लिखा है कि राज्यसभा में बोलने के लिए आम आदमी पार्टी के तय कोटे का समय अब राघव चड्ढा को ना दिया जाए। वह आम आदमी पार्टी के कोटे का समय लेकर अब नहीं बोल सकते 37 वर्षीय राघव चड्ढा की गिनती ऐसे युवा सांसदों में की जाती है जो लगातार जनहित से जुड़े मुद्दे राज्यसभा में उठाते रहते हैं

उन्होंने हवाई अड्डे पर सस्ते खाने की सुविधा की मांग की थी। राज्यसभा में गिग-वर्कर्स के अधिकारों का मुद्दा भी उठाया था। पैटरनिटी लीव को भी  कानूनी अधिकार बनाने की मांग की थी। 

असल में राघव चड्ढा ने लंबे समय से आम आदमी पार्टी से अपनी दूरी बना ली थी, और वह पार्टी के आयोजनों में काफी टाइम से शामिल नहीं हो रहे थे। अरविंद केजरीवाल के लिए चुनाव प्रचार नहीं कर रहे थे, उनकी तारीफों के पुल नहीं बांध रहे थे। 27 फरवरी को जब सीबीआई की अदालत से अरविंद केजरीवाल को दिल्ली शराब नियुक्ति मामले में राहत मिली, तब भी राघव चड्ढा ने इस पर कोई बयान नहीं दिया था और राघव चड्ढा लगातार दूरी बनाकर चल रहे थे। 

खासतौर पर आम आदमी पार्टी को लगाने लगा था कि राघव चड्ढा अब बीजेपी के बहुत ज्यादा करीब जा रहे हैं। अब वह हमारी बात नहीं करते, पार्टी के समर्थन में बयान नहीं देते, उन्हें यह भी शिकायत है कि जब शराब नीति पर जांच चल रही थी और जब पार्टी के नेताओं को अरेस्ट किया गया था तब राघव चड्ढा ने शोर नहीं मचाया। राघव चड्ढा संसद में चुप रह गए थे। बाकी नेताओं ने जो विरोध प्रदर्शन किए थे वह राघव चड्ढा ने नहीं किए और उसी की सजा अब राघव चड्ढा को दी जा रही है, हालांकि उनका जो कार्यकाल है 2028 तक है, और अरविंद केजरीवाल उनसे पार्टी की तरफ से बोलने का अधिकार तो छीन लिया है, लेकिन उनकी राज्यसभा की सीट को नहीं ले सकते।

AAP Rajya Sabha deputy leader removal: राघव चड्ढा को हटाने पर आ गया AAP का पहला बयान। 

AAP Rajya Sabha deputy leader removal: पार्टी में लीडर या डिप्टी लीडर जो भी राज्यसभा में या लोकसभा में रहते हैं उनका बदलाव समय-समय पर बदलाव होता रहता है राघव चढ्ढा जी से पहले श्री संजय सिंह  डिप्टी लीडर थे, फिर वह बने कल को कोई और आएगा क्योंकि हमारी पार्टी एक जनतांत्रिक लोकतांत्रिक पार्टी है और वह अपने हर लोगों को समय-समय पर ट्रेनिंग भी देना चाहती है।

सौरभ भारद्वाज ने दिया राघव चड्ढा के आरोपों का जवाब।

Saurabh Bhardwaj: राघव भाई अभी आपका वीडियो देखा हम सब लोग अरविंद केजरीवाल जीके सिपाही हैं, और हमने तो एक ही बात सीखी थी जो डर गया समझो मर गया। हम सबको तो लोगों के मुद्दे उठाने थे सरकार की आंख में आंख डाल के पिछले कुछ दिनों में हमने देखा जो भी कोई सीरियस मुद्दे सरकार के खिलाफ उठाता है, सरकार से प्रश्न पूछता है, लोगों की बात करता है, सरकार डिक्टेटर की तरह उसको तमाम सोशल मीडिया पर बैन कर रही है।

चाहे वह ट्विटर हो, चाहे वह फेसबुक हो चाहे वह यूट्यूब हो सब जगह बैन किया जा रहा है, एफआईआर दर्ज कराई जा रही है, मुकदमे किए जा रहे हैं। सरकार को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई सॉफ्ट PR अपनी पार्लियामेंट में करें, क्योंकि पार्लियामेंट में एक छोटी सी पार्टी का बड़ा लिमिटेड टाइम होता है, उसमें अगर कोई समोसे की बात उठा रहा है, तो उससे जरूरी है कि देश के बड़े मुद्दों की बात उठाएं पूरे देश में हमने देखा हर राज्य में।

चुनाव से पहले सही लोगों के वोट काटे जाते हैं और नकली और झूठे वोट बनाकर सरकार पूरी बेईमानी के साथ सिस्टम पर कब्जा करके चुनाव जीत रही है। बेस्ट-बंगाल में भी यही हो रहा है। अभी सारी विपक्षी पार्टियों ने CEC को इम्पीचमेंट करने के लिए मोशन लाना चाहा था, आपने उसको साइन करने से मना कर दिया जब भी कोई मुद्दा हो जिसके ऊपर अपोजिशन वॉकआउट करती है। आप वॉकआउट नहीं करते।

पिछले कई अरसे से मैंने देखा आपने कोई भी मुद्दा सदन में नहीं उठाया जिसमें आपने प्रधानमंत्री या भारतीय जनता पार्टी की सरकार से प्रश्न किया। ऐसे डर की राजनीति कैसे चलेगी? हम लोगों को पंजाब के मुद्दे उठाने जहां से आप चुन के आते हैं, आप मुद्दे भी उठाने से घबराते हैं। अभी गुजरात में पार्टी के करीब 160 कार्यकर्ताओं को झूठे मुकदमों के अंदर उनके ऊपर एफआईआर दर्ज की गई। गिरफ्तार किया गया। आप उस पर भी चुप रहे तमाम नेता हमारे जेल में थे।

अरविंद केजरीवाल जी को बतौर चीफ मिनिस्टर सरकार ने झूठे मुकदमे में गिरफ्तार कर लिया। आप उस समय भी देश में नहीं थे, आप कहीं जाके छिप गए। मेरा मानना है कि देश के लिए असली मुद्दे हमें निडरता से और साहस से उठाने पड़ेंगे और भारतीय जनता पार्टी की आंख में आंख डालकर आपको मुद्दे उठाने पड़ेंगे। वरना देखिए आपके जो सॉफ्ट मुद्दे हैं उनसे उनको कोई फर्क नहीं पड़ता बल्कि भारतीय जनता पार्टी तो कल से आपको सोशल मीडिया पर सपोर्ट कर रही है। आप इसके बारे में सोचिएगा और देखिएगा कि आप कहां से चले थे और कहां आ गए और देश को किन चीजों की जरूरत है और आप कैसे बेहतर कर सकते हैं, धन्यवाद।

आप नेता Atishi Marlena ने बताया कि क्यूँ हटाया गया है राघव चड्ढा को राज्यसभा से उप नेता के पद से।

Atishi Marlena: आज हमारा देश एक बहुत बड़े संकट से गुजर रहा है। आज बीजेपी और मोदी जी ने तय कर लिया है कि वह संविधान की धज्जियां उड़ाएंगे। लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाएंगे हमने दिल्ली चुनाव में देखा, किस तरह से गलत तरीके से वोट काटे गए? किस तरीके से झूठे वोट बनाए गए, किस तरह से एडमिनिस्ट्रेशन का मिस यूज किया गया और अब भी बिलकुल वही हो रहा है। कई झूठे तरीके से झूठे वोट बनाए गए किस तरह से एडमिनिस्ट्रेशन का मिस यूज किया गया और बीजेपी इलेक्शन चुराकर ले गई।

आज पश्चिम बंगाल में बिलकुल वही हो रहा है। गलत तरीके से वोट काटना एडमिनिस्ट्रेशन पर बीजेपी का कब्जा बीजेपी के कार्यकर्ताओं का झूठे वोट बनवाना, लेकिन जब टीएमसी एक इंपीचमेंट मोशन लेकर आती है, चीफ इलेक्शन कमिशनर के खिलाफ राघव चड्ढा उस पर साइन करने से मना कर देते जब लोकतंत्र पर हो रहे हमले के खिलाफ पूरी ऑपोजिशन वॉकआउट करती है तो राजा चड्ढा जी वॉकआउट करने से मना कर देते हैं।

जब उनको पार्टी द्वारा बोला जाता है कि एलपीजी का मुद्दा उठाओ क्योंकि आज मोदी जी ने जिस तरह से ट्रंप के सामने सरेंडर कर दिया है तो एक आम आदमी एलपीजी की शॉर्टेज से तरस्त हो गया है, एलपीजी की ब्लैक मार्केटिंग से त्रस्त हो गया है, पर एलपीजी का मुद्दा उठाने से मोदी जीके खिलाफ बोलने से राघव चड्ढा जी मना कर देते तो यह बिलकुल साफ है कि आज राघव चड्ढा जी ने तय कर लिया। लिया है कि वो लोकतंत्र और संविधान के साथ नहीं है। वह आम आदमी के साथ नहीं है, वह आज बीजेपी और मोदी जी के साथ है।

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राघव चड्ढा को  हटाए जाने को लेकर भाजपा का केजरीवाल पर हमला।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इस घटना पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर पद से हटाना और बोलने का समय रोकने का फैसला अरविंद केजरीवाल की अराजकता को दर्शाता है। वीरेंद्र सचदेवा ने आरोप लगाया कि चड्ढा के अराजक और भ्रष्ट केजरीवाल नेतृत्व से दूरी बनाने की कीमत चुका रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले स्वाति मालीवाल और अब राघव चड्ढा को इसी तरह अपमानित किया जा रहा है। कमजोर केजरीवाल न तो पार्टी के अंदरूनी विरोध का और ना ही विपक्ष का सामना कर पा रहे हैं।

राघव चड्ढा के राजनीतिक सफर पर एक नजर।

राघव चड्ढा का राजनीतिक सफर 2012 में अरविंद केजरीवाल के साथ दिल्ली लोकपाल बिल पर काम करते हुए उन्होंने राजनीति में कदम रखा, 2015 दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद वे पार्टी के सबसे युवा नेता बने। 2019 में दक्षिण दिल्ली से लोकसभा चुनाव हारे लेकिन 2020 में राजेंद्र नगर से विधायक चुने गए। बाद में दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष भी रहे,  2022 में मात्र तैतीस साल की उम्र में वे पंजाब से राज्यसभा सांसद बने और 2023 में पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में अपना लीडर बना दिया। संसद में उन्होंने कई जनहित के मुद्दे उठाए।

Disclaimer: यह लेख राघव चड्ढा और आम आदमी पार्टी से जुड़े सार्वजनिक बयानों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। इसमें दिए गए आरोप, दावे और विचार को संबंधित नेताओं के स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है। इस लेख का उद्देश्य केवल जानकारी देना है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक स्रोतों से जानकारी की पुष्टि अवश्य है।

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