Nvidia Employee , Apurva Chaturvedi : सोशल मीडिया पर रोज हजारों वीडियो वायरल होते हैं, लेकिन कुछ कहानियां ऐसी होती हैं जो सीधे दिल को छू जाती हैं।हाल ही में एक ऐसा ही भावुक और प्रेरणादायक वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुआ है, जिसमें Nvidia में काम करने वाली अपूर्वा चतुर्वेदी ( Apoorva Chaturvedi) ने अपने माता पिता और दादी को उनकी जिंदगी की पहली इंटरनेशनल ट्रिप दुबई यात्रा करवाके। सरप्राइज़ कर दिया है।

यह सरप्राइज सिर्फ एक ट्रिप नहीं थी, बल्कि सालों के त्याग, मेहनत और सपोर्ट के प्रति बेटी का धन्यवाद था और यही वजह है कि यह वीडियो लाखों लोगों की आंखें नम कर रहा है।
इस ब्लॉग में हम इस वायरल स्टोरी को विस्तार से समझेंगे क्या हुआ वीडियो में लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही? यह कहानी क्यों खास है? और यह कैसे आज की पीढ़ी के लिए एक मजबूत संदेश देती है।
क्या है पूरा मामला ? (Nvidia Employee)
अपूर्वा चतुर्वेदी , जो Nvidia में कार्यरत हैं और साथ ही कंटेंट क्रिएटर भी हैं।उन्होंने अपने परिवार को एक बेहद खास तरीके से सरप्राइज़ देने की योजना बनाई।उन्होंने सीधे टिकट दिखाने या बोल कर बताने के बजाय तीन हाथ से लिखे हुए पर्सनल लेटर तैयार किए।
ये लेटर उन्होंने लिखे:
- एक लेटर, उन्होंने अपनी मां के लिए लिखा।
- एक लेटर, उन्होंने अपने पिता के लिए लिखा।
- और एक लेटर, उन्होंने अपने दादी के लिए लिखा।
हर लेटर में एक ही भाव था, धन्यवाद। वीडियो में, परिवार के सदस्य एक साथ बैठे दिखते हैं और हर किसी के हाथ में चिट्ठी है जैसे जैसे वे चिट्ठियां पढ़ते हैं, माहौल भावुक होता जाता है और फिर आता है बड़ा खुलासा :
“अब आपकी बारी है दुनिया देखने की हम दुबई जा रहे हैं।”
Handwritten letters, ने बना पल को और खास बना दिया
आज के डिजिटल दौर में जब लोग मैसेज और ईमेल से भावनाएं व्यक्त करते हैं, अपूर्वा ने हाथ से लिखे पत्र चुनें।यही चीज़ इस सरप्राइज़ को और ज्यादा पर्सनल और असरदार बनाती है।
माँ के लिए लिखे लेटर में क्या लिखा उन्होंने
” इतने सालों तक आपका पूरा संसार। यह घर था। अब समय है कि आप दुनिया देखें, हम सब दुबई जा रहे हैं।
यह लाइन पढ़ते ही मां की खुशी साफ दिखाई देती है।
पिता के लिए संदेश
पिता के लिए लिखे। लेटर में उनके संघर्ष मेहनत और परिवार के लिए किए गए त्याग का जिक्र था, जैसे ही उन्हें दुबई ट्रिप का पता चला, वे भी भावुक होकर रो पड़े।
“परिवार ने उन्हें संभाला और मां ने कहा, ये खुशी के आंसू”
पिता की भावुक प्रक्रिया ने इंटरनेट को रुला दिया।
वीडियो को सबसे ज्यादा भावुक पल हुआ था जब अपूर्वा के पिता खुद को संभाल नहीं पाए। वह चिट्ठी पढ़ते हुए रो पड़े और कई सेकेंड तक बोल नहीं पाए। यह रिएक्शन बिल्कुल स्वाभाविक था।बेटी की सफलता उसका आभार, पहली इंटरनेशनल यात्रा और सरप्राइज़ का तरीका इन सब ने मिलकर उस पल को अविस्मरणीय बना दिया।सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा लोग इसी हिस्से से जुड़े हुए हैं।
इंस्टाग्राम पर क्या लिखा था कैप्शन?
VIDEO के साथ अपूर्वा ने कैप्शन लिखा था:
” Over everything, seeing them, this happy is my biggest win.” (सबसे बड़ी जीत है, उन्हें इतना खुश देखना)
यह लाइन भी लोगों के दिल को छू गई क्योंकि इसमें सफलता की असली परिभाषा दिखती है।
क्यों दुबई ट्रिप थी इतनी खास?
बहुत से भारतीय परिवारों के लिए विदेश यात्रा आज भी एक बड़ा सपना है, खासकर माता पिता अपनी पूरी जिंदगी, बच्चों की पढ़ाई, करियर और भविष्य को बेहतर बनाने में लगा देते हैं।इस दौरान वे अपने शौक घूमने, फिरने की इच्छा और निजी सपनों को अक्सर पीछे छोड़ देते हैं।कई बार आर्थिक कारणों से तो कई बार जिम्मेदारियों की वजह से वे खुद के लिए समय ही नहीं निकाल पाते।
ऐसे में जब बच्चे बड़े होकर सफल होते हैं और अपने माता पिता को विदेश यात्रा पर ले जाते हैं तो वह सिर्फ एक ट्रिप नहीं रहती। वह एक इमोशनल रिटर्न गिफ्ट बन जाती है। यह उनके त्याग और मेहनत के प्रति सम्मान का खूबसूरत तरीका होता है जो यादगार पल में बदल जाता है।
दुबई भारतीय परिवारों के लिए पहली इंटरनेशनल ट्रिप का लोकप्रिय विकल्प है।यहां पहुंचना आसान है।माहौल फ्रेंडली है, सुविधाएं बेहतरीन हैं और फैमिली ट्रैवल के लिए भरपूर आकर्षण मौजूद हैं।
इंटरनेट पर लोगों की जबरदस्त प्रतिक्रिया।
वीडियो वायरल होते ही हजारों कमेंट आने लगे लोगों ने इसे “heart-melting”, ” pure”, ” wholesome” और ” inspirational” बताया है।
कुछ लोकप्रिय प्रतिक्रियाएं:
” Dad’s part had me crying”, ( पापा वाला हिस्सा देखकर मैं रो पड़ा)
” I’m not crying, you are” ( मैं नहीं रो रहा, तुम रो रहे हो)
” This is the dream of every daughter.” ( यह हर बेटी का सपना होता है)
” Watched this three times and smiled every time.”
कई लोगों ने लिखा कि वे भी एक दिन अपने माता पिता को ऐसी ही ट्रिप देना चाहते हैं।
कौन है Apurva chaturveri ?
इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार :
- अपूर्वा चतुर्वेदी Nvidia कंपनी में कार्यरत हैं।
- अपूर्वा चतुर्वेदी एक टेक प्रोफेशनल है।
- अपूर्वा चतुर्वेदी एक कंटेंट क्रिएटर हैं।
- अपूर्वा चतुर्वेदी फॅमिली ओरिएंटेड पर्सनालिटी हैं।
उनका यह कदम सिर्फ एक पर्सनल मोमेंट नहीं रहा, बल्कि एक सोशल मैसेज बन गया।
नई पीढ़ी का बदलता नजरिया
यह कहानी एक बड़े बदलाव की ओर इशारा करती है, आज की युवा पीढ़ी परिवार के त्याग को पहचान रही है।आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो रही है और अनुभवों को महत्व दे रही है, Give back to parents का कल्चर बढ़ रहा है। पहले माता पिता बच्चों को दुनिया दिखाते थे, अब बच्चे माता पिता को दुनिया दिखा रहे हैं।
Handwritten Gratitude क्यों असरदार होता है?
मनोवैज्ञानिक रूप से हाथ से लिखा संदेश ज्यादा भावनात्मक होता है, उसमें समय और प्रयास झलकता है, रिसीवर को स्पेशल महसूस होता है और यादगार बन जाता है।यही कारण है कि इस वीडियो में चिट्ठियां सबसे ज्यादा मजबूत तत्व बन गई हैं।
इस स्टोरी से क्या सीख मिलती है?
सफलता का असली अर्थ सिर्फ खुद आगे बढ़ना नहीं बल्कि परिवार को साथ लेकर चलना है। जब आपकी उपलब्धि से आपके अपने खुश होते हैं तभी वह सफलता पूरी मानी जाती है। दिल में आभार रखना अच्छी बात है लेकिन उसे शब्दों और कर्म से व्यक्त करना और भी जरूरी है। Gratitude रिश्तों को मजबूत बनाता है।पैसों से बढ़कर यादें होती हैं क्योंकि Moments> Money, और यही यादें जीवन भर साथ रहती हैं।माता पिता का त्याग सच होता है।वे अक्सर अपने सपने रोक कर बच्चों का भविष्य बनाते हैं, इसलिए उनका सम्मान सबसे पहले होना चाहिए।
क्यों वायरल होती हैं ऐसी स्टोरीज ?
सोशल मीडिया पर कोई कहानी सिर्फ एल्गोरिथ्म से नहीं इंसानी दिल से वायरल होती है। जिन स्टोरीज में सच्ची भावनाएं और अपनापन होता है लोग उनसे तुरंत जुड़ जाते हैं। ऐसी कहानियां रिलेटेड होती हैं, परिवार से जुड़ी होती हैं और उनमें दिखावा नहीं होता सरल, ईमानदार और दिल छू लेने वाले पल रुककर देखने पर मजबूर करते हैं। पॉजिटिविटी से भरा कंटेंट तेजी से शेयर होता है क्योंकि वह उम्मीद और खुशी देता है। लगातार निगेटिव खबरों के बीच ऐसी प्रेरक और भावुक स्टोरी, लोगों के लिए राहत मुस्कान और जुड़ाव का एहसास लेकर आती है।
हाल ही में ऐसे और अभिभावक ट्रैवल सरप्राइज हैं
हाल ही के महीनों में कई ऐसे वीडियो वायरल हुए हैं जहां:
- पोते ने दादा -दादी को पहली फ्लाइट से सैर कराई।
- बेटी ने मां को बिजनेस क्लास का टिकट दिया।
- बेटे ने माता पिता को विदेश घुमाया।
यह एक नया सोशल ट्रेंड बनता जा रहा है: “Travel With Parents” Movement
Emotional Gifting क्यों Powerful है?
Behaviour experts के अनुसार अनुभव आधारित गिफ्ट जैसे साथ में यात्रा या खास समय बिताना रिश्तों को गहराई से मजबूत करते हैं। ऐसे अनुभवों में भावनात्मक जुड़ाव बढ़ता है और फैमिली बॉन्डिंग स्वाभाविक रूप से मजबूत होती है। भौतिक चीजें समय के साथ पुरानी हो जाती हैं, लेकिन साझा किए गए पल। लाइफटाइम मेमोरी बन जाते हैं। इससे देने और पाने वाले दोनों को भावनात्मक संतुष्टि मिलती है। परिवार के साथ की गई ट्रिप सिर्फ घूमना नहीं होती। बल्कि रिश्तों में निवेश होती है।इसीलिए यात्रा को खर्च नहीं बल्कि एक भावनात्मक निवेश माना जाना चाहिए।
निष्कर्ष
अपूर्वा चतुर्वेदी का यह सरप्राइज वीडियो इसलिए खास है क्योंकि इसमें: परिवार के लिए आभार है, परिवार शामिल है और त्याग की पहचान है।सफलता की सही परिभाषा है।
जब पिता रोते हैं, मां मुस्कुराती है और बेटी कहती हैं, अब आपकी बारी है, दुनिया देखने की, तो यह सिर्फ कंटेंट नहीं एक जीवन संदेश बन जाता है।ऐसी कहानियां हमें याद दिलाती हैं कि सबसे बड़ी उपलब्धि अपने लोगों को खुश देखना है।