RBI UPI Safety Plan: आज के समय में UPI और डिजिटल पेमेंट लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन इसके साथ ही Fraud के मामलों में भी तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। फिशिंग लिंक, फर्जी कस्टमर केयर कॉल, म्यूल अकाउंट और AI आधारित ठगी जैसे नए तरीके सामने आ रहे हैं। जहां एक बार पैसा ट्रांसफर होने के बाद उसे वापस पाना बेहद मुश्किल हो जाता है, जिससे यूजर्स को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

RBI UPI Safety Plan नया क्या है?
RBI UPI Safety Plan: डिजिटल पेमेंट और यूपीआई के बढ़ते इस्तेमाल के साथ फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई बड़े सुझाव दिए हैं, इसमें 10,000 रुपये से ज्यादा ट्रांजैक्शन पर एक घंटे की देरी से Transaction को पूर्ण करने का भी सुझाव दिया है, सीनियर सिटीजन के लिए ‘ट्रस्टेड पर्सन‘ की मंजूरी और इमरजेंसी ‘किल स्विच‘ से सभी पेमेंट बंद करने का ऑप्शन रखने का प्रपोजल रखा है। जिससे यूजर्स को ठगी से बचाया जा सकेगा और नुकसान होने से पहले ही फ्रॉड से जुड़े ट्रांजेक्शन रोके जा सकेंगे।
RBI UPI Safety Plan: आजकल हर कोई यूपीआई का उपयोग करता है, लेकिन दुनिया भर में UPI से जुड़े डिजिटल फ्रॉड के मामले बढ़ते जा रहे हैं, यूपीआई और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन बढ़ने के साथ अब फिशिंग लिंक, फर्जी कस्टमर केयर कॉल, म्यूल अकाउंट और AI के जरिए, धोखाधड़ी जैसे नए तरीके सामने आ रहे हैं, ठग डिजिटल पेमेंट के तुरंत होने वाले प्रोसेस का फायदा उठाते हैं। जहां पर एक बार पैसा ट्रांसफर हो जाए तो उसे वापस पाना काफी मुश्किल हो जाता है।
ऐसे में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने डिस्कशन पेपर्स जारी किया है, जिसमें डिजिटल पेमेंट के तेज होने के साथ-साथ ज्यादा सुरक्षित बनाने के उपाय सुझाए गए हैं। इस पर सेंट्रल बैंक ने आम लोगों से 8 मई तक सुझाव मांगा है। जिसके बाद फीडबैक के आधार पर नए नियम जारी किए जा सकते हैं।
संदिग्ध ट्रांजैक्शन रोकने के लिए RBI का नया प्लान।
RBI UPI Safety Plan: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने सुझाव दिया है कि बड़े डिजिटल ट्रांजैक्शन में थोड़ी देरी रखी जाए, ताकि यूजर संदिग्ध पेमेंट को पहचान कर रुक जाए या वापस पेज पर जा सके, इसके तहत ₹10,000 रुपये से ज्यादा के ऑनलाईन ट्रांसफर पर पैसे तुरन्त पहुंचने के बजाय करीब एक घंटे की देरी से पहुंचे। जिससे फ्रॉड से बचने के लिए एक अतिरिक्त सुरक्षा लोगों को मिल सके।
RBI UPI Safety Plan: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने सीनियर सिटीजन और ज्यादा रिस्क वाले यूजर्स के लिए ‘ट्रस्टेड पर्सन’ का नया सेफ्टी सिस्टम रखने का सुझाव दिया है, इसके अनुसार 70 साल से ज्यादा उम्र या दिव्यांग लोगों के लिए ₹50,000 रुपये से ऊपर के ट्रांजेक्शन पर एक भरोसेमंद व्यक्ति की मंजूरी जरूरी हो सकती है। RBI का मानना है आपके ऐसे लोग फ्रॉड का ज्यादा शिकार होते हैं और ज्यादातर धोखाधड़ी भी इसी रकम से ऊपर होती है, इसलिए यह कदम सुरक्षा बढ़ाने में मदद करेगा।
रिजर्व बैंक ने इस सिस्टम में दुरुपयोग रोकने के लिए खास नियम भी रखे हैं। अगर कोई यूजर अपने ‘ट्रस्टेड पर्सन‘ को बदलना चाहता है, या इस सुविधा को बंद करना चाहता है, तो उसे 24 घंटे का कूलिंग-ऑफ पीरियड देना होगा। साथ ही बैंक ग्राहकों को इससे जुड़े जोखिमों की जानकारी भी देंगे, ताकि वे सोच समझकर फैसला ले सकें।
RBI UPI Safety Plan: रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया ने एक ‘इमरजेंसी किल स्विच‘ लाने का प्रपोजल दिया है, जिससे यूजर एक क्लिक में अपने अकाउंट से जुड़े सभी डिजिटल पेमेंट को तुरंत बंद कर सकेंगे। इसके साथ ही यूजर अलग-अलग ट्रांजेक्शन लिमिट भी सेट कर पाएंगे, अगर ‘किल स्विच‘ शुरू किया जाता है, तो पेमेंट दुबारा शुरू करने के लिए मजबूत वेरीफिकेशन या बैंक ब्रांच में जाकर प्रोसेस पूरी करनी पड़ सकती है। RBI यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि नए ग्राहकों के लिए डिजिटल पेमेंट सुविधा डिफ़ॉल्ट रूप से बंद रहे और जरूरत पड़ने पर ही चालू की जाए।
रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया ने फ्रॉड रोकने के लिए ‘रिस्क बेस्ड ट्रांजैक्शन कंट्रोल’ का सुझाव दिया है, इसके तहत बैंक अकाउंट में आने वाले पैसे की लिमिट ग्राहक की KYC प्रोफाइल के हिसाब से तय होगी। जिन अकाउंट में पूरी जांच नहीं हुई है, उनमें सालभर में करीब 25 लाख रुपए तक ही पैसा आ सकेगा। इससे ज्यादा रकम आने पर उसे कुछ समय के लिए रोका जा सकता है और जांच के बाद ही जारी किया जाएगा या शक होने पर वापस कर दिया जाएगा। इस कदम का मकसद फ्रॉड रोकना है, ताकि आम ग्राहकों को ज्यादा परेशानी न हो।
बैंकों और पेमेंट कंपनियों से अपने सिस्टम को और मजबूत करने के लिए भी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने सुझाव दिया है, इसके तहत AI और एडवांस टूल्स का इस्तेमाल कर रियल-टाइम में संदिग्ध ट्रांजेक्शन को पहचाना जाएगा, ताकि किसी भी असामान्य गतिविधि को रोका जा सके और फरार होने से पहले ही नुकसान से बचा जा सके।
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